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Sanskrit essay on. - English - Hindi Translation and Examples

Essays on diwali in hindi

Sanskrit essay on diwali, दीवाली पर संस्कृत निबंध. Translation, human translation, automatic translation. प्रकाश और रोशनी का त्यौहार दीपावली पर विस्तृत लेख और निबंध !!!! Deepawali Essay In Hindi दीपावली का सीधा अर्थ हैं - दीपों से जगमगा उठने वाला त्यौहार. दीपावली का पर्व खुशियो, प्रकाश तथा उजाले का पर्व कहलाता हैं. यह त्यौहार हिन्दुओं का साल का सबसे बड़ा पर्व होता हैं जो शरद ऋतू के अक्टूबर या नवम्बर महीने में मनाया जाता हैं. यह त्यौहार अंधकार पर प्रकाश की विजय को दर्शाता हैं.

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Diwali Essay in Hindi - दीवाली(दीपावली) पर निबंध

Essays on diwali in hindi

Hindi Essay on Diwali दीपावली Dipawali Hindi Nibandh ⚝⚝⚝. September 17, 2017 admingeek. दीपावली DIWALI Hindi Essay on Diwali दीपावली. दीपावली भारत में मनाया जाने वाला सबसे बड़ा त्योहार है । हर साल इस पर्व को हिन्दु कैलेंडर के अनुसार कार्तिक माह में बड़ी धूम. दिवाली / दीपवाली हिन्दुओं का एक मुख्य त्यौहार है। लगभग पुरे भारत में दीपवाली त्यौहार को बहुत ही धूम-धाम से मनाया जाता है। दिवाली का शुभ उत्सव प्रतिवर्ष शरद ऋतू के मौसम में आता है यानि की अक्टूबर और नवम्बर के महीने के समय। दीपावली के त्यौहार को बुराई पर अच्छाई की जित की ख़ुशी में मनाया जाता है। दिवाली पांच दिनों तक मनाया जाने वाला बहुत ही बड़ा त्यौहार है जिसे बहुत ही रसमों रिवाज़ के साथ मनाया जाता है। दिवाली के उत्सव के से पहले दिन लोग धनतेरस मनाते हैं, उसके बाद नरक चतुर्दशी दुसरे दिन, तीसरे और चौथे दिन दीपावली का पर्व और पांचवे दिन भाई दूज का त्यौहार मनाते हैं। दिवाली उत्सव और पूजा के एक हफ्ते पहले से ही लोग अपने घरों की पुताई करवा कर अच्छे से साफ़ सफाई करते हैं। साथ ही पूजा की सामग्री जैसे दिया, मोमबत्तियां, पूजा का सामन, घर के देवी-देवताओं की मूर्तियाँ तथा स्वादिष्ट मिठाईयों का प्रबंध करते हैं। दिवाली पूजा के दिन भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा ली जाती है। सभी लोग इस दिन भगवान से घर की सुख-शांति और जीवन में समृद्धि की कामना सकते हैं।लोग अपने घरों को दीपक से सजा देते हैं। लोग अपने घरों के दरवाजों के सामने सबसे पहले दीप जलाते हैं भगवान को अपने घर में आमंत्रित करते हैं। पूजा के बाद ज्यादातर लोग पटाखे फोड़ते हैं और उसके बाद अपने पड़ोसियों, दोस्तों और रिश्तेदारों में तौफे और मिठाइयाँ बाँटते हैं। दिवाली के दिन सभी सरकार और गैर-सरकारी कार्यालय, स्कूलों में छुट्टी का दिन होता है। आप सभी तो जानते ही होंगे दिवाली में पटाखों का उपयोग पुरे भारत में जोर शोर से होता है। माना जाता है दिवाली के दिन पुरे भारत का प्रदुषण 50% बढ़ जाता है। आप सभी को में निवेदन करता हूँ की इस बार बिना पटाखों के मनाएं दिवाली। पटाखों के उपयोग से चंद भर के मज़े के लिए हम अपने पर्यावरण को कई हद तक बर्बाद कर देते हैं। आतिशबाजी हमारे शरीर और पर्यावरण दोनों के लिए बहुत ही हानिकारक हैं। दिवाली में हम पटाखों के कारण हम भारतीय ना सिर्फ भारत का बल्कि पुरे विश्व का प्रदुषण बढ़ाते हैं। पटाखों के कारण ऐसे कई प्रकार के हादसे होते हैं जिनमे बच्चों से लेकर बड़े सभी इसका शिकार हो जाते हैं। पटाखों के धुंए के कारण अस्थमा, फूस-फूस में इन्फेक्शन और कई प्रकार के अन्य बड़ी बिमारियों होती है। पटाखों के कारण सभी प्रकार का प्रदुषण होता है जैसे वायु प्रदुषण धुआं के कारण, दवानी प्रदुषण पटाखों के आवाज़ के कारण, जहरीले पदार्थ जमीन पर पड़ने के कारण मिटटी प्रदुषण और पटाखों का जहरीला पदार्थ पानी में मिल जाने के कारण जल प्रदुषण। दिवाली त्यौहार का अध्यात्मिक महत्व सबसे पहले यही है की इस दिन अंधकार पर प्रकश की विषय का दिन माना जाता है। इस दिन को बहुत ही सुन्दर और बड़े पारंपरिक तरीके से धन की देवी, लक्ष्मी और ज्ञान के भगवान, गणेश जी की पूजा की जाती है। हिन्दू महाकाव्य रामायण के अनुसार दिवाली का त्यौहार श्री राम भगवान, माता सीता और लक्ष्मण के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटने की ख़ुशी में खासकर मनाया जाता है। भारत के कुछ क्षेत्रों में महाकाव्य महाभारत के अनुसार दिवाली का त्यौहार पांडवों के 12 वर्ष का वनवास और 1 वर्ष के अज्ञातवास के बाद लौटने की ख़ुशी में भी मनाया जाता है। यह भी माना जाता है कि इस दिन को देवताओं और राक्षसों द्वारा समुद्र मंथन करते समय माता लक्ष्मी का जन्म हुआ था। भारत के कुछ पूर्वी और उतारी क्षेत्रों में नव हिंदी वर्ष के रूप में भी मनाया जाता है। आशा करते हैं आपकी दिवाली पर यह निबंध अच्छा लगा होगा। हम सभी को प्रतिवर्ष दिवाली का उत्सव पर्यावरण की प्राकृतिक सुंदरता को बचाने, स्वछता बनाये रखने और आनंद लेने के लिए मनान चाहिए। आप सभी को दीवापली की हार्दिक शुभकामनायें!

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Hindi Essay On Diwali Or 'Deepawali' - Best - - AchhiGyan. Com

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Hindi Essay On Diwali, Hindi Essay Deepawali Hindi language, Hindi Essay On Diwali For All Class, 'दीपावली' दिवाली पर निबंध. Deepavali 2018, the greatest Hindu festival and is celebrated all over the world. Being an ancient Hindu festival, this festival is regarded as the festival of lights or the festival that eliminates darkness from our lives. This time D1wali festival is on Thursday, November 07 which is just a few days ah Our web portal, carries each and every information that you should know such as the Happy Diwali 2018, Happy Diwali 2018 Wishes, Diwali SMS, Diwali 2018 Essays, Diwali wallpapers etc. This festival is known through various names which are: are the better way than few written words to express your feelings regarding any special occasion. So, during Diwali, instead of simply written thoughts, people prefer to send images to others for wishing them on Diwali. And yes, it also attracts the receiver because of various color impact and different designs used in the images. So, images for Diwali are the most searched terms in google. Diwali is one of the biggest festivals of Hindu’s and India. This blog is specially dedicated to Deepavali festival.

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Essay On Diwali In Hindi 100 Words, essay on duties of good citizen

Essays on diwali in hindi

Essay on Diwali in Hindi Language. दिवाली के इस खास उत्सव को मनाने के लिये हिन्दू धर्म के लोग बेहद उत्सुकता पूर्वक इंतजार करते है। ये बहुत ही महत्वपूर्णं त्योहार है, खास तौर से घर के बच्चों के लिये। इसलिये इस निबंध के द्वारा हमें अपने बच्चों को दीपावली की महत्ता और इतिहास से अवगत कराना चाहिए जिससे उन्हें घर और बाहर इसके अनुभवों का प्रयोग कर सकें। Get here some essays on Diwali in Hindi language for students in 200, 250, 300, 350, 400 and 600 words.

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Essays on diwali in hindi

Find and save ideas about Essay on diwali on Pinterest. See more ideas about Diwali essay, Diwali hindi and Diwali facts. दीवाली हिन्दू धर्म का प्रसिद्ध त्योहर है इसको दीपावली के नाम से भी जाना जाता है दीपावली का यह पर्व पूरे भारत में बड़ी ही धूम -धाम और श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है। दीपावली का अर्थ है दीप अवली दीप का अर्थ है दीपक तथा अवली का अर्थ पंक्ति से है दीपों की पंक्तियां। यह त्योहार प्रकाश का त्योहार है जो हर साल कार्तिक मॉस की अमावस्या को मनाया जाता है। इस दिन लोग अपने घरों में दीपक और दीपमाला करते हैं। दीवाली के त्योहार से जुड़ीं कई कथाएं हैं इन कथाओं में सबसे प्रमुख कथा भगवान राम की है इस दिन रामचंद्र जी वन में 14 वर्षों का वनवास काट और माता सीता का अपहरण करने वाले दुष्ट रावण का बध कर अपनी नगरी अयोध्या लौटे थे। जिनकी ख़ुशी में लोगों ने अपने घरों में घी के दीये जलाकर ख़ुशी मनाई थी तब से यह त्योहार मनाया जा रहा है। सिख धर्म के मुताबिक इस दिन सिखों के छठे गुरु हरगोबिंद जी ने जहांगीर की कैद में 52 राजाओं और ख़ुद को उनकी कैद से छुड़ाया था। दीवाली (Diwali) के कई सप्ताह पूर्व लोग अपने घरों , दुकानों आदि की सफ़ाई करना शुरू कर देते हैं लोग घरों में रंग -रोगन कर उन्हें सजाते हैं बाज़ारों में रौनक बढ़ने लगती है। बच्चे नए -नए कपड़े पहनते हैं। बाज़ारों में मिठाईयां और पटाखों की दुकानें सजने लगती हैं। हर तरफ ख़ुशी का माहौल होता है। दीवाली की सुबह लोग घरों में कई प्रकार के पकवान बनाते हैं जगह –जगह पर पटाखो और आतिशबाजी की दुकानें सजी होती हैं और सुबह से ही लोग अपने मित्रों और रिश्तेदारों के बीच मिठाईयां और उपहार बांटते हैं दीवाली की रात लक्ष्मी का पूजन किया जाता है और रात्री को आसमान पटाखों और आतिशबाजी की आवाज़ से गूँज उठता है आकाश चारों तरफ जगमगाता हुआ दिखाई देता है। लोग अपने घरों में घी के दिये जलाते हैं चारों तरफ दीपक और दीपमाला से घर जगमगा उठता है दीपावली (Deepawali) के अगले दिन गोवधर्न का पर्व मनाया जाता है इस दिन श्री कृष्ण ने गोवधर्न पर्वत अपनी ऊँगली पर उठाकर बर्जवासियों को इंद्र के प्रकोप से बचाया था। इससे अगले दिन भाईदूज का त्योहार मनाया जाता है जो भाई -बहन के रिश्ते का पवित्र पर्व है। दीवाली का पर्व पवित्रता का प्रतीक है। इस दिन कुछ लोग जुआ खेलते हैं और शराब पीते हैं जिससे इस त्योहार की पवित्रता भंग होती है। हमारा सब का कर्तव्य बनता है के हम इस बुराई को दूर करें। जैसे दीपक अंधकार का नाश करता है इसी प्रकार हमें भी बुरे कामों को दूर करने का संकल्प लेना चाहिए और इस पवित्र पर्व को ख़ुशी –ख़ुशी मनाना चाहिए .

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Essays on diwali in hindi

Essay on Diwali in Hindi. भारत में साल भर बहुत से त्योहार मनाये जाते हैं, जहां सभी धर्मों के लोग अपनी संस्कृति और परंपरा के अनुसार अपने विभिन्न त्योहारों का जश्न मनाते हैं। “दिवाली” हिन्दू धर्म के लोगों का सबसे. तो हम इस पोस्ट में सबसे पहले दीवाली /दीपावली त्यौहार पर हिंदी निबंध 2018 (Essay On Diwali /Deepawali Festival In Hindi) पेश किये हैं | इस निबंध को हम बहुत ही कम शब्दों में और बिलकुल सरल भाषा में पेश किये हैं जिसको बच्चे आराम से पढ़ कर हमारे इस महान पर्व दीवाली के बारे में जान पाएंगे | साथ ही वे अपने स्कूल में दीवाली पर निबंध लेखन या भाषण देने के प्रतियोगिता में भी इसका इस्तमाल कर पाएंगे | आपके (readers) को पढने के लिए सुविधा हो इसलिए हमने दीवाली/दीपावली त्यौहार पर निबंध को नीले अक्षरों में पेश किया है और उसके निचे दीवाली पर्व के इतिहास, और महत्व के बारे में विस्तार से सफ़ेद अक्षरों में पेश किया है |दीवाली /दीपावली हिन्दुओं का एक बहुत ही बड़ा और महत्वपूर्ण त्यौहार है | ये महान पर्व हर साल शरद रुतु में कार्तिक अमावस्या के दिन मनाया जाता है| कैलेंडर के हिसाब से ये अक्टूबर या नवम्बर महीने में आता है| प्राचीन काल से ही इस पर्व का बहुत ही महत्व है और बहुत ही धूमधाम और हर्षो-उल्लास के साथ मनाया जाता है |दीवाली एक बहुत ही सुंदर पर्व है जो अपने साथ बहुत सारे खुशयों को ले के आता है | ये रौशनी का त्यौहार है और इससे दीपोत्सव भी कहा जाता है | दीपावली अन्धकार पर प्रकाश की विजय को दर्शाता है और इसी तरह ये हमारे जीवन में भी खुशियों का उजाला भर देता है| ये त्यौहार हमारे आपसी रिश्तों को मजबूत करता है और छोटी मोती मन-मुटाव को दूर करके हमारे रिश्तों में मिठास भर देता है |दीवाली न केवल भारत में पर भारत से बहार भी कई देशों में मनाया जाता है | इस त्यौहार को एक सरकारी अवकाश का दिन होता है जिसमें सारे सरकारी कार्यालय जैसे स्कूल, कॉलेज ,बैंक आदि सब बंद रहते है |दीपावली अनेक धर्मों के लोगों द्वारा मनाया जाता है और ये पर्व की उत्त्पति से अनेक कहानियाँ जुडी है | पर वे सब कहानियां बुराई पर अच्छाई की जीत को, अंधकार पर प्रकाश की विजय को दर्शाते हैं |दीवाली खासकर इसीलिए मनाई जाती है क्यूंकि उस दिन भगवान् श्री रामचंद्र ने लंकापति रावण का वध करके अपनी धर्मपत्नी सीता को उस राक्षस के चंगुल से छुड़ा कर वापस अपने राज्य अयोध्या पहुंचे थे| भगवान् ने रावण का वध करके बुराई पर अच्छाई की जीत पायी थी इसलिए अयोध्यावासी उनके भव्य भाव से स्वागत करने के लिए पुरे अयोध्या में घी का दीपक जला कर उस अमावास की काली रात्री को दीयों की रौशनी से प्रकाशित कर दिया था |तब से दीपावली त्यौहार को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतिक माना जाता है और तभी से दशहरा पर्व के 20 दिन बाद ये महान पर्व दीवाली को बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है |दीपावली त्यौहार का हम सबको बहुत बेसब्री से इंतज़ार रहता है |इसलिए ये त्यौहार आने से करीब 1 महिना पहले से ही हम इसके तैयारियों में जुट जाते हैं |लक्ष्मीजी हमेशा स्वच्छ और साफ़ जगह पर निवास करते हैं इसलिए हम सबसे पहले सफाई से शुरुआत करते हैं | हम अपने पुरे घर, आँगन, और दूकान के अछे से सफाई करके ,उनमें सफेदी और नए रंग भी लगाये जाते हैं |दीवाली के 4-5 दिन पहले नए कपडे और साथ में घर के लिए अनेक चीजों जैसे पूजा सामान ,दिया बत्ती,सोना चांदी के सामान, दोस्तों और रिश्तेदारों में बांटने के लिए उपहार आदि ख़रीदे जाते हैं |साथ ही में स्वादिस्ट मिठाइयों का भी प्रबंध किया जाता है |दीवाली के दिन सुबह घर को अछे से धोया जाता है और पुरे घर को फुलून की माला और आम के पत्तों के साथ सजाया जाता है |घर के मुख्या द्वार को केला के पेड़ और पदम् फूलों से सजाया जाता है|दीवाली क्वे दिन साम को घर के सभी सदस्य एक सात्य्ह मिल कर धन की देवी माता लक्ष्मी और गणेशजी की श्रधा पूर्वक पूजन करते हैं |उसके बाद सभी छोटे बड़ों का चरणस्पर्श करके आशीर्वाद लेते हैं और फिर सब साथ मिल कर भोजन करते हैं |उसके बाद घर के कोने कोने को दीपों से प्रकाशित करदेते हैं | उसके बापटाखे भी फोड़े जाते हैं |फिर अपने पदोसियों, दोस्तों और रिश्तेदारों में मिठाई और उपहार भी बांटे जाते हैं और ये महान पर्व दीवाली की बधाइयां और शुभकामनाएं भी दी जाती हैं |इसी तरह हर साल दीवाली को बहुत हर्षो-उल्लास और धूमधाम के साथ मनाया जाता है | दोस्तों ये तो था दीवाली पर छोटा निबंध |अब आइये जानते हैं दीवाली पर्व का इतिहास, महत्व और इस पर्व की तैयारियों के बारे में विस्तार से| क्या आपको पता है की दीवाली क्यूँ मनाई जाती है ? दीपावली त्यौहार से जुडी कहानियों को जानना चाहते हैं ? तो इसके लिए आपको थोडा और निचे जा के पढना होगा | आइये हम शुरू करते हैं दीपावली त्यौहार का इतिहास से | साथ में जानेंगे इस पर्व के उत्त्पत्ति से जुडी कई रोचक कहानियां | प्राचीन काल से दीवाली /दीपावली हिन्दुओं द्वारा मनाया जाना वाला एक बहुत ही बड़ा और महत्वपूर्ण त्यौहार है | दीपावली शब्द असल में संस्कृत के दो शब्दों दीप और आवली को मिला के बना है |दीपावली शब्द का अर्थ है दीपों की श्रृखला इसलिए दीवाली त्यौहार को दीपोत्सव या दीपों का त्यौहार भी कहा जाता है |और इस दीवाली त्यौहार का मतलब है रौशनी या प्रकाश का त्यौहार | ये पर्व ख़ास स्वछता और प्रकाश के लिए जाना जाता है | दीवाली पर्व हर साल शरद रूतू में यानी की अक्टूबर या नवम्बर महिना में मनाया जाता है | उस समय मौसम एकदम मस्त रहता है |हलकी हलकी ठण्ड पड़ती है | ये त्यौहार कार्तिक की अमावस्या के दिन मनाया जाता है और इसलिए ये अमावास की वो काली रात्री को दीपों की रौशनी से दूर कर दिया जाता है| ऐसे माना जाता है की जिस तरह दीपों की रौशनी अंधकार को दूर कर प्रकाश फैलाता है उसी तरह ये दीवाली पर्व हमारे जिंदगी की अंधकार को दूर करके उसमें एक नया सवेरा की उजाला को भर देता है |ये पर्व अपने साथ बहुत सारे खुशियों को ले के आता है और हमें जिंदगीको एक सुंदर ढंग से जीने की सीख दे जाता है | दीवाली पर्व में हम अपने सभी दोस्तों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों को मिठाइयां औ कुछ उपहार भेंट के रूप में देते हैं |और दीवाली की ढेर साड़ी बधाइयां और शुभकामनाएं भी देते हैं|जिसकी वजह से हमारे आपसी रिश्तों की छोटी छोटी मन मुटाव दूर हो जाते हैं और हमारे रिश्तों में मिठास भर जाता है |हमारे रिश्ते और भी ज्यादा मजबूत हो जाते हैं इसलिए दीपावली पर्व को मिलन का त्यौहार भी कहा जाता है | दीवाली एक बहुत बड़ा पर्व है इसलिए इस दिन सभी सरकारी कार्यालयों जैसे स्कूल, कॉलेज, और बैंक आदि में छुट्टी होती है |ये पावन पर्व न केवल भारत मैं बल्कि भारत के बहार भी कई देशों में मनाया जाता है | श्रीलंका, नेपाल, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, सिंगापुर, फिजी, म्यन्म्मार, पकिस्तान, आदि इन देशों में भी दीवाली पर सरकारी अवकाश होती है| दीवाली अनेक धर्मों के लोगों द्वारा मनाया जाता है जैसे सिख, बौध, और जैन |इस पर्व की उत्त्पत्ति से कई कहानियां जुडी हुई हैं और अनेक धर्मों के लोग इससे अनेक ढंग से मनाते हैं पर वे सब सिर्फ अंधकार पर प्रकाश की विजय और बुराई पर अछाई की जीत को ही दर्शाते हैं |दीवाली जैन लोगों द्वारा इसलिए मनाया जाता है क्यूंकि इस दिन चौबीसवें तीर्थंकर ,महावीर स्वामी को मोक्ष की प्राप्ति हुई थी और इस दिन उनके प्रथम शिष्य ,गौतम गंधार को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी जो की आज्ञान पर ज्ञान की विजय को दर्शाता है| दीवाली सिख लोगों के लिए भी एक बहुत ही महत्वपूर्ण त्यौहार है क्यूंकि इस दिन साल 1577 में अमृतसर में स्वर्ण मंदिर का शिलान्यास हुआ था और साल 1619 में भी इसी दीवाली पर्व के दिन ही सिखों के छठे गुरु हरगोविंद सिंस्ग जी जेल से रिहा किये गए थे |जो की निराशा पर आशा की विजय को दर्शाता है |इसलिए दीपावली पर्व को बुराई पर अच्छाई की प्रतीक माना जाता है | दीवाली पर्व एक बहुत ही बड़ा पर्व है जो की जो की पुरे 5 दिनों तक चलता रहता है |और इन पांचो दिनों के साथ भी कुछ महत्वपूर्ण कथाये जुडी हुई हैं जिसकी वजह से ये भी बहुत धूमधाम के साथ मनाया जाता है|क्या आप दीवाली त्यौहार के इन पांच दिनों के बारे मे विस्तार से जानना चाहते हैं ? आइये हम आपको इस दीवाली पर्व के पांच दिनों से जुडी कथाएं को विस्तार से बताएं | धनतेरस दीवाली त्यौहार का सबसे पहला दिन है जो की दीवाली के 2 दिन पहले तेरस तिथि को आता है| इस दिन सोने, चांदी की कुछ भी सम्मान या फिर बर्तन और गहने आदि खरीदने को बहुत ही शुभ माना जाता है | इस दिन धन की देवी माता लक्ष्मी और कुबेरजी की पूजन होती है साथ में शुभ मुहरत में आवश्यक आनुसार सामान भी खरीदने का रिवाज़ है |इसलिए इस दिन को धनतेरस के नाम से जानना जाता है | धन तेरस के दूसरा दिन और हमारे महापर्व दीवाली के पहले दिन को नरक चौदस के रूप में मनाया जाता है | इस दिन को हम छोटी दीवाली के नाम से भी जानते हैं | इस दिन प्रात सूर्योदय से पहले उठ कर स्नान कर सूर्य देवता की पूजन करना चाहिए क्यूंकि मान्यता है की ऐसे करने से मर्नोपरान्थ स्वर्ग की प्राप्ति होती है | इस दिन शाम को छोटी दीवाली मनाई जाती है जो की रसोई और भगवान् स्थाल में पूजन होता है और घर में कम से कम 7 दिए तो जलाए जाते हैं | इस दिन को मुख्या दीवाली त्योहार के रूप में मनाया जाता है | सुबह जल्दी उठ के घर और बहार के मुख्या द्वार तक अछे से धोया जाता है |उसके बाद पुरेघर को फूलों,पदम् फूलों और आम के पत्तों के साथ सजाया जाता है |घर के मुख्य द्वार पर रंगोली भी बनायी जाती है | साथ ही घर में स्वादिस्ट भोजन और मिठाइयां भी बनायीं जाती है |सब कोई नए कपडे पहन कर बहुत धमधाम से इस दिन को उमंग उत्साह से मनाते हैं| उसके बाद शाम को माता लक्ष्मी और विघ्न विनायक गणेशजी की श्राध पूर्वक पूजन होती है |घर के सभी सदस्य साथ मिल के घर की सुख, शान्ति और समृधि की कामना करते हैं |उसके बाद सभी छोटे अपने बड़ों का चरणस्पर्श करके आशीर्वाद लेते हैं और फिर सब साथ मिल के भोजन करते हैं |उसके बाद पथाकें फोड़ा भी जाता है |अपने पड़ोसियों, दोस्तों और रिश्तेदारों में भी उपहार और मिठाई बांटे जाते है और दीवाली की बधाइयां औरब शुभकामनाएं भी दी जाती है | ये दीपावली पर्व के दूसरा दिन मनाया जाता है जो की खासकर खेती किसानों वाले लोग ज्यादातर मनाते हैं |इस दिन अन्कुत किया जात है और भगवान् श्री कृष्णा को भोग लगाया जाता है |उसके बाद सभी साथ अपने दोस्तों और पड़ोसियों के साथ मिल कर अन्कुत प्रसाद ग्रहण किया जाता है | ये दीपावली त्यौहार का अंतिम दिन है जो की दीवाली के 2दिन बाद द्वित्या तिथि को आता है |ये पर्व सभी बहनों द्वारा किया जाता है अपने भाइयों के लिए | इस दिन बहेनें अपने भाइयों को तिलक करते हैं और उनकी ख़ुशी की कामना करते हैं |शादीशुदा बहेनें अपने भाइयों को अपने घर खाने को आमंत्रित करते हैं और अपने भाई की सभी पसंदीदा व्यंजन बनाते हैं |बहुत ख़ुशी से अपने भाई को भोजन करवाते हैं साथ में अपने भाई को तिलक करते हैं और उसकी लम्बी जीवन के लिए कामना करते हैं |भाई अपने बहन को तोफे भी देते हैं | दीवाली पर्व एक बहुत ही उमंग उत्साह का पर्व जिसका हम सब को बहुत बेसब्री से इंतज़ार रहता है | इसलिए इस त्यौहार के आने की ख़ुशी में लोग कम से कम एक महीन पहले ही इसके तैयारियों में जुट जाते हैं |ऐसे माना जाता है की माता लक्ष्मी हमेशा स्वच्छ जगह पर निवास करते हैं इसलिए इस पर्व की तैयारियां हमेशा साफ़ सफाई से ही शुरू की जाती है | पुरे घर की कोने कोने की अछे से सफाई की जाती है |दुकानों की भी पूरी सफाई की जाती है | साल भर का कुदाकचरा सब घर से निकल फेंका जाता है |घर में जितना भी चीजें हैं जिनका उपयोग न किया जाता हो या घर के पुराने फटे कपडे ,बर्तन या और भी कई चीजों जिनकी मरम्मत न हो सके उन सब को कचरे के साथ ही घर से बहार फ़ेंक दिया जाटा है | अगर कहीं पे जरुरत है तोह घर की मरम्मत भी किया जाता है |उसके बाद पुरे घर की और दुकानों की भी पुताई ,सफेदी और रंग रोदन भी किया जाता है | अनेक तरह से घरों को सजाया भी जाता है | दीवाली के 4-5 दिन पहले घर को पूरी तरह तैयार किया जाता है और उसके बाद शौपिंग किया जाता है जिसमें परिवार के सभी सदस्योंके लिए नए कपडे, दोस्तों और रिश्तेदारों के लिए उपहार,उपकरणों, रसोई के लिए बर्तन ,और भी कई चीजें जैसे सोने की गहनें, गाडी आदि | साथ में पूजा की सारी सामग्री जैसे दिया-बात्ती, लक्ष्मीजी और गणेशजी की मूर्तियाँ, भगवान् का वस्त्र,घर को सजाने के लिए रंग बिरंगी लाइट्स,दिए और मोमबत्तियां |और साथ में विभिन्न प्रकार के मिठाइयों का भी आर्डर दे दिया जाता है हलवाई के दुकान में |एवं घर में या दूकान में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी नए कपडे और तोहफे ख़रीदे जाते हैं | दीपावली/दीवाली त्यौहार के दिन सुबह सुबह घर को अछे से धोया जाता है और पदम् की पुष्पों और आम के पत्तों से सजाया जाता है |साथ में घर को अनेक प्रकार के रंगबिरंगी लाइट्स से भी सजाया जाता है | घर के मुख्या द्वार में रंगोली भी बनायी जाती है और एक दिया जलाया जाता है जो की दिन भर जलता रहता है | और घर में पूरा ख़ुशी का माहोल रहता है | सभी छोटे बच्चे अपने बड़ों से दीवाली पर्व की महत्व और इस पर्व से जुडी कहानियां सुनते रहते हैं |जबकि घर की माहिलायें अनेक प्रकार के स्वादिस्ट भोजन बनाते हैं| उसके बाद शाम को घर के सभी सदस्य एक साठग मिल कर धन की देवी माँ लक्ष्मी और विघ्न विनायक गणेशजी की पूजन करते हैं और घर की सुख शान्ति और समृधि की कामना करते हैं | उसके बाद सभी छोटे अपने बड़ों का चरण स्पर्श करके आशीर्वाद लेते हैं और फिर पड़ोसियों के घर जा कर उन्हें दीवाली की शुभकामनाएं और बधाइयां दी जाती है | पूजन के बाद पुरे घर को दीपों से सजा दिया जाता है |ये दीपों की रौशनी इस अमावास रात्री की अंधकार को दूर कर प्रकाशित करता है | उसके बाद पटाखे भी फोड़े जाते हैं और उसके बाद परिवार के सभी सदस्य,दोस्तों और पड़ोसियों के साथ मिल कर एक साथ भोजन करते हैं|बस इसी तरह ये महान पर्व दीवाली/दीपावली बहुत हर्षो-उल्लास के साथ सभी द्वारा मनाय जाता है जो की जीवन में ढेर सारी ख़ुशी और उत्साह लाता है |और ये पर्व हमारे आपसी रिश्तों में मिठास भरता है और सभी छोटे मोटे मन मुटाव को दूर करके रिश्तों को बहुत मजबूत करता है | दीवाली त्यौहार का हमारे जीवन में बहुत महत्व है | इसलिए हमारे लिए ये जानना बहुत जरुरी है की इस पर्व को क्यूँ मनाया जाता है तथा इसका हामारे जीवन में क्या प्रभाव होता है | दीवाली नेपाल और भारत में ख़ास मुख्य रूप से मनाया जाता है क्यूंकि इस पर्व के साथ कई ऐतिहासिक घटनाओं और कहानियां जुडी हुई हैं और नेपालियों के लिए ये त्यौहार महान है क्यूंकि इस दिन से नेपाल संवंत में नया वर्ष शुरू होता है | हिन्दू ग्रन्थ रामायण के अनुसार दीवाली मनाने का मुख्य कारण है क्यूंकि इस दिन भगवान् श्री राम चन्द्र जी अपने पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ 14 वर्ष के वनवास काट कर वापस आये थे |तो उनके आने की ख़ुशी में सारे अयोध्या वासी घी का दीपक जला कर उनका जोर शोर से स्वागत किया था| और तब से इस दिन को दीवाली पर्व के रूप में मनाया जा रहा है | प्राचीन हिन्दू महाकाव्य महाभारत के अनुसार कई लोग दीवाली इसलिए भी मनाते हैं क्यूंकि इस दिन पांडवों ने 12 वर्ष के वनवास और 1 वर्ष का अज्ञातवास काट कर वापस आये थे | कई लोगों द्वारा दीवाली को धन की देवी माता लक्ष्मी की जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है | जबकि कई लोग इससे इसलिए भी मनाते हैं क्यूंकि इस दिन माता लक्ष्मी ने भगवान् विष्णु को अपने पति के रूप में चुना था और फिर उनसे शादी की थी | कई लोगों द्वारा दीवाली इसलिए भी मनाया जाता है क्यूंकि कहा जाता है की जब देवताओं द्वारा समुद्रमंथन हो रहा था तब माता लक्ष्मी प्रकट हुए थे |कई लोगों द्वारा ये माना जाता है की दीवाली माता लक्ष्मी का दिन है और इसलिए इस दिन उनके पूजन किया जाता है |ताकि घर में धन की व्रुदी हो | भारत के कुछ उत्तरी और पश्चिमी भागों में दीवाली को नए हिन्दू वर्ष की शुरुआत के रूप में भी मनाया जाता है | इसलिए इस महान दीपावली पर्व का आध्यात्मिक महत्व है अंधकार पर प्रकाश की विजय ,निराशा पर आशा की विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत दीवाली त्यौहार पर साल का सबसे बड़ा बड़े शौपिंग सीजन होता है | इस त्यौहार के लिए सभी व्यापार तेज़ चलते हैं |छोटे से ले के बड़े बड़े बिज़नस सारे -जैसे कपडे,बर्तन,चुना,रंग, पुजा सामान, घर सजावट का सामान, खानपान का और मिठाई का दुकान, यहाँ तक की बड़े बड़े सामान जैसे सोना-चांदी, गाडी आदि | दीवाली त्यौहार वैसे तो सब के लिए एक महान पर्व है पर ये व्यापारियों के लिए उनका विशेष पर्व होता है |क्यूंकि दीवाली को वे अपने सालभर का पुराना हिसाब किताब निपटाकर नए खता शुरू करते हैं | व्यापारी दीवाली को नए खता और कलम की माँ लक्ष्मी के सामने पूजन कर के उस दिन से प्रारम्भ करते हैं | ताकि पुरे साल भर उनका व्यापार बढ़िया से चले | इसलिए इस महान दीवाली का आर्तिक महत्व बहुत ज्यादा है | १, दीवाली को पुरे घर की अछे से साफ़ सफाई की जाती है और पुरे साल का कूड़ा कचरा घर से बहार फेंका जाता है जो की स्वछता की निशानी होती है और जिससे की घर में गन्दगी की वजह से हम कई बीमारियों से बचते हैं | २, दीवाली को जो दिए जलाये जाते हैं उनमें सरसों का तेल इस्तमाल होता है |उस तेल की जलने से वातावरण शुद्ध होता है और बारिश के दिनों में जो कीड़े निकलते है वे भी इस तेल की जलने से जो धुआँ निकलता है उसमें मर जाते हैं | ३, परिवार के सभी सदस्यों को एक साथ बिताने के लिए वक़्त और ख़ुशी का माहौल मिल जाता है |परिवार का कोई सदस्य यदि पढ़ाई या काम के सिलसिले में बहार अन्य स्थान में रहते हैं तो दीवाली में ज़रुर अपने घर अपनों के पास आते हैं | ४, दीवाली में रिश्तेदारों में मिठाइयां बांटी जाती है और बधाइयाँ दी जाती है जिससे आपसी प्रेम बढ़ता है और रिश्तों में मिठास भरता है | अगर रिश्तों में कोई मन मुटाव है तो ये त्यौहार में सब भूल के खुशियाँ मनाई जाती है जिससे की रिश्तों की डोर मज्बूत होती है | ५, दीवाली में सभी व्यापार तेज़ चलते हैं |छोटे व्याप्पर से ले कर बड़े व्यापार सब बढ़िया कमी करते हैं | ६, दीवाली में जो साफ़ सफाई करते हैं उस के लिए कई गारिबों को काम मिल जाता है जो उनके लिए कमाई का एक जरिया है | अब जब आपने दीवाली पर निबंध इन हिंदी जान लिया, दीवाली के फायदे पढ़ लिए चलिए जानते हैं दीवाली के क्या हानिकारक प्रभाब है| दीवाली के ज्यादा नुक्सान नहीं हैं, ये तोह ख़ुशियों का त्यौहार है और रिश्तों का त्यौहार है| लेकिन दीवाली साइड-इफेक्ट्स अनेक हैं: उपर दिए गए कारणों के वजह से सुप्रीम कोर्ट ने भारत के दिल्ली में पटाखे बेचने ओर फोड़ने पर रोक लगा दिया है| आईये देखते कें दीवाली और पटाखों का स्वास्थ्य पर बुरा असर: दीवाली इकोफ्रेंडली तरीके से कैसे मनाएं?

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Diwali Essay In Hindi – HindiEssay.in | Essays In Hindi | Hindi Nibandh | Hindi Essays | School Essays | College Essays

Essays on diwali in hindi

Sep 15, 2017 EASY AND SIMPLE DIWALI ESSAY IN HINDI. EASY AND SIMPLE DIWALI ESSAY IN HINDI. Skip navigation Sign in. Search. Loading. Close. Yeah, keep it Undo Close. Hindi Diwali Essay | Short | “Essay On Diwali” In Hindi pdf Hindi Diwali Essay, Short “Essay On Diwali” In Hindi pdf is available to you for your school during Diwali 2013. Short 2013 Diwali Essay in Hindi Language is on great demand during Happy Diwali 2013.

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Essay on Diwali in English and Hindi - IAS Paper

Essays on diwali in hindi

Essay on Diwali for class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, and 10. Short and Long Paragraphs on Diwali for students and children. 300 and 500 words long short essay, paragraph on Diwali (Deepavali) significance of this festival. Hindi in banks Please refer to the master Circular dbod. Short Paragraph on my favourite festival — diwali essays, letters. Find information the cultural challenges of doing business overseas about festival. History of Hindi literature as a whole can be divided into four stages: Adikal (the longue early period Bhaktikal (the devotional Period ritikal (the Scholastic Period) and Adhunikkal (the modern Period).

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दिवाली पर निबंध – Diwali Essay in Hindi

Essays on diwali in hindi

Essays - largest database of quality sample essays and research papers on Essay On Diwali In Hindi दीवाली को 'दीपावली' भी कहते है |दीपावली का अर्थ होता है दीपो की माला या कड़ी |दीवाली प्रकाश का त्यौहार है |यह हिन्दू केलेण्डर के अनुसार कार्तिक मास की अमावस्या के दिन को मनाई जाती है |दीवाली मे लगभग सभी घर एवं रास्ते दीपक एवं विद्युत प्रकाश से रोशन किए जाते है | 'दीवाली ' का त्योहार मनाने का प्रमुख कारण है कि इस दिन भगवान राम ,अपनी पत्नी सीता और अपने भाई लक्षमण के साथ 14 वर्ष का वनवास बिताकर अयोध्या वापस लौटे थे |उनके स्वागत मे अयोध्या वासियो ने दीप जलाकर प्रकाश उत्सव मनाया था |इसी लिए प्रकाश के उत्सव को दीवाली के रूप मे हर वर्ष मानते है |यह त्योहार अपने साथ बहुत खुशिया एवं उमंग लेकर आता है | दीवाली के एक- दो हफ्ते पूर्व से ही लोग घर,आँगन ,मोहल्ले ,दुकान को सजाना शुरू कर देते है |बाज़ार मे रंग बिरंगे सामान ,कपड़ो,गहनों , बर्तन आदि की ख़रीदारी शुरू हो जाती है |कई प्रकार के पकवान व् मिठाइया बनाई जाती है |बाज़ार मे मिट्टी के दीपो ,खिलौने ,खिल-बताशे और मिठाईओ,पटाखों की दुकानों पर भीड़ होती है |दीवाली Essay on diwali आने पर हर परिवार मे खुशी की लहर दिखाई देती है | दीवाली के दिन सभी हिन्दू महा लक्ष्मी की पूजा अर्चना करते है |माना जाता है इस दिन महालक्ष्मी की पूजा करने से घर मे सुख -शांति,संपत्ति और समृद्धि का विकास होता है |संध्या होते ही घर में पूजा शुरू हो जाती है । लोग अपने घरो एवं व्यापारी अपने दुकानों मे बहीखातों की पूजा करते है |संध्या के समय घर आँगन प्रकाश से जगमगा उठते है|सभी नए कपडे पहनते है ,बच्चे फटाके फोड़ते है जिसमे प्रमुख अनार,चकली,फुलझड़ी ,रॉकेट,लड़ आदि होते है |महिलाए भी घर आँगन मे कई आकार की रंगीन रंगोली बनाती है ,साथ ही संध्या होते ही दियो के प्रकाश से सारे घर को सजाती है और खुद भी सजती सवरती है | दीवाली के दूसरे दिन सभी लोग अपने रिश्तेदार ,मित्रो , संबंधियो से मिलकर दीवाली की शुभकामनाए देते है । स्वादिष्ट पकवानो एवं मिठाइयो का लुफ्त उठाते है |इस तरह दीवाली हिंदुओं का प्रमुख त्योहार हर साल भारत मे खुशी एवं उत्साह से मनाया जाता है | Essay on diwali in hindi.

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Short Essay on Diwali in Hindi : दीपावली पर निबंध पढ़ें | HindiPot

Essays on diwali in hindi

दीपावली, भारत में हिन्दुओं द्वारा मनाया जाने वाला सबसे बड़ा त्योहार है। दीपों का खास पर्व होने के कारण इसे दीपावली या दिवाली नाम दिया गया। दीपावली का मतलब होता है, दीपों की अवली यानि पंक्ति। इस प्रकार दीपों की पंक्तियों से. Essay on Diwali in Hindi – दिवाली पर निबंध (350 Words) : दीवाली हिन्दुओं का परम पवित्र और महान् त्योहार है। दीवाली का अर्थ है-दीपों की माला। दीवाली शब्द दीपावली का ही बिगड़ कर बना रूप है। भारतवर्ष तो त्योहारों और मेलों का देश है। यह त्योहार राष्ट्रीय त्योहार के रूप में भी मनाया जाता है। क्योंकि यह सभी को सांझा त्योहार है। कहते हैं कि जब श्री रामचन्द्र जी अपना चौदह वर्ष का बनवास पूर्ण करके अयोध्या वापस आए तो लोगों ने अयोध्या नगरी को दीपों से सजाया था। उस दिन की शोभा ही न्यारी थी। उस दिन की स्मृति को बनाए रखने के लिए आज तक प्रति वर्ष लोग कार्तिक अमावस्या की रात को बड़ी धूमधाम से मनाते हैं। स्वामी दयानन्द जी की मृत्यु भी इसी दिन हुई थी। इस त्योहार को मनाने की तैयारी कई दिन पहले ही शुरू हो जाती है। लोग मकानों, दुकानों में सफेदी करवाते हैं। इस प्रकार सारे घरों व दुकानों की सफाई हो। जाती है। छोटे-मोटे कीटाणुओं का नाश हो जाता है। इस दिन दुकानें और मकान इतनी सुन्दरता से सजाए जाते हैं कि देखते ही बनता है। बाजारों की शोभा तो न्यारी ही होती है। दीवाली से कई दिन पहले हलवाई मिठाइयां बनानी आरम्भ कर देते हैं। रात को मकानों की छत पर दीप जलाए जाते हैं। आजकल तो बिजली की रोशनी से मकान सजाए जाते हैं। तरह-तरह के पटाखे चलाए जाते हैं। इस दिन व्यापारी लोग अपने पिछले हिसाब-किताब को ठीक करके नया हिसाब शुरू करते हैं। रात्रि को लोग घर में लक्ष्मी की पूजा भी करते हैं और मिठाई बांटते हैं। वैसे दीवाली प्रत्येक नगर में मनाई जाती है, लेकिन अमृतसर की दीवाली देखने योग्य होती है। हज़ारों लोग दूर-दूर से अमृतसर की दीवाली देखने आते हैं। हरिमन्दिर साहिब की शोभा देखने योग्य होती है। दीपकों की माला की परछाई सरोवर में देखकर ऐसा मालूम होता है जैसे आकाश के तारे दीपमाला देखने धरती पर उतर आए हों। इस अवसर पर कई मित्रों तथा बन्धुओं का परस्पर मेल भी हो जाता है।Essay on Diwali in Hindi – दिवाली पर निबंध (400 Words) : दीपावली का अर्थ है दीप अवली =दीपकों की पंक्ति। इस उत्सव को रात के समय घर-घर में दीपकों की पंक्तियां, मोमबत्तियां, बिजली के छोटे छोटे बल्ब जला कर मनाया जाता है। यह हिन्दुओं का सबसे पवित्र त्यौहार है। यह पर्व कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है । इस उत्सव को भारत की लगभग सभी जातियां मनाती हैं।इस उत्सव का महत्त्व कई कारणों से है। सबसे बड़ा कारण तो यह है। कि भगवान रामचन्द्र जी अपना 14 वर्ष का वनवास काट कर इस दिन अयोध्या लौटे। इस दिन लोगों ने उनका स्वागत किया और घर-घर में खुशियाँ मनाई। घरों में दीपमाला की इस उत्सव के साथ कुछ अन्य कारण भी जुड़े हुए हैं जिनमें से कुछ ये हैं: कहते हैं कि धर्मराज युधिष्ठिर ने इसी दिन राजसूय यज्ञ की समाप्ति भी की। सिक्ख धर्म में भी इस दिन का बड़ा महत्त्व है । छठे गुरु इस दिन ग्वालियर की जेल से मुक्त हुए थे। उस खुशी में अमृतसर में यह दिन बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है। कहते हैं कि समुद्र का मन्थन जब किया गया था तो इसी दिन लक्ष्मी देवी भी प्रकट हुई थी। यही कारण है कि इस दिन हर घर में लक्ष्मी की पूजा की जाती है। घरों में सफ़ाई की जाती है, सारी रात घर में प्रकाश रहता है और लक्ष्मी के स्वागत के लिए दरवाजे खुले रखे जाते हैं। यह उत्सव आर्य समाजियों और जैनियों के लिए भी पवित्र है। इस दिन समाज सुधारक स्वामी दयानन्द जी सरस्वती, सांस्कृतिक नेता स्वामी राम तीर्थ और जैनियों के 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी को मुक्ति प्राप्त हुई थी। भारतवर्ष के प्रत्येक भाग में यह उत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस उत्सव पर असंख्य कण्डीलें, मोमबत्तियां, रंगीन बल्ब, आदि जलाए जाते हैं। बच्चे कई प्रकार के पटाख जलाकर, फुलझड़ियां, आतिशबाजियां, अनार आदि अनेक प्रकार की वस्तुओं से मनोरंजन करते हैं। इनसे कई बार दुर्घटनाएं भी हो जाती हैं। कुछ बच्चों के हाथ आदि जल जाते हैं। कई बार दुकानों आदि को आग भी लग जाती है। इस अवसर पर इलवाइयों की चांदी होती है। लोग न केवल घरों के लिए मिठाइयां खरीदते हैं, बल्कि मित्रों, सम्बन्धियों आदि को भी इसकी भेंट करते हैं।इस उत्सव के साथ कुछ दोष भी पनप उठे हैं। सब से बड़ा दोष तो लक्ष्मी प्राप्ति का गलत ढंग है। बहुत से लोग इस दिन दिल खोलकर जुआ खेलते हैं। इससे कइयों का तो दिवाला ही निकल जाता है और कई बिना प्रयास के ही काफ़ी धन प्राप्त कर लेते हैं। लेकिन यह एक बुरी आदत है और इरो त्यागना चाहिए। Essay on Diwali in Hindi – दिवाली पर निबंध (450 words) : भूमिका – दीवाली, दशहरा, रक्षा बन्धन, ईद, बड़ा दिन, होली आदि भारत के प्रसिद्ध त्योहार हैं। दीवाली भारत का प्रमुख त्योहार है। इस रात चारों ओर आलोक (प्रकाश) होता है। इसलिए इसे आलोक-पर्व दीवाली कहते हैं। यह त्योहार कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है। वह काली अन्धेरी रात रोशनी की रात में बदल जाती है। उस दिन पूरे भारत में छुट्टी होती है। स्कूल, कालिज, दफ्तर आदि बन्द होते हैं। क्यों मनाया जाता है – कहते हैं कि दीवाली के दिन मर्यादा पुरुषोतम श्री राम चौदह वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे। अयोध्या के लोगों ने घी के दीप जलाकर उनका स्वागत किया। हम भी हर वर्ष दीप जलाते हैं और खुशियाँ मनाते हैं। इसी दिन योगीराज श्री कृष्ण ने पूतना का वध किया था। आर्य समाज के प्रवर्तक स्वामी दयानन्द ने भी इसी दिन निर्वाण पाया था। धर्मराज युधिष्ठिर के राजसूय यज्ञ की समाप्ति इस दिन हुई थी। सिक्खों के छटे गुरु को इस दिन कारागार से मुक्ति मिली थी। इसी खुशी में हर वर्ष अमृतसर का स्वर्ण मन्दिर रोशनी से जगमगा उठता है। कैसे मनाया जाता है – यह त्योहार वर्षा ऋतु की समाप्ति पर आता है। अतः दीवाली से कुछ दिन पूर्व लोग मकानों एवं दुकानों की सफ़ाई एवं रंग रोगन कराते हैं। बाजारों में अपार भीड़ होती है। लोग नए बस्न ऍवं नए बर्तन खरीदते हैं। नए अनाज एवं नए गुड़ के आ जाने से भारत के गाँवों में खुशहाली छा जाती है। मित्रों एवं सम्बन्धियों को शुभकामनाएँ एवं मिठाई भेजी जाती है। लोग आपसी भेद भाव भूल कर प्रेम और एकता का प्रयास करते हैं। दीवाली की रात चारों ओर प्रकाश होता है। दीपावली दो शब्दों के मेल से बना है- दीप आवली। इसका अर्थ है दीपों की पंक्ति। चारों ओर दीपों एवं मोमबतियों की पंक्तियाँ देखने को मिलती है। बिजली की जगमगाहट वातावरण को और आकर्षित कर देती है। बच्चे पटाखे एवं फुलझड़ियाँ जलाते हैं। लोग लक्ष्मी की पूजा करते हैं। ग़रीबों में मिठाई वस्त्र आदि बाँटे जाते हैं। दोष – इस त्योहार को मनाने में कुछ दोष आ गए हैं। कई लोग इस रात शराब पीते हैं और जुआ खेलते हैं। यह बुरी बात है। हमें ऐसा नहीं करना चाहिए। कुछ बच्चों की असावधानी के कारण इस अवसर पर कई दूकानों एवं मकानों में आग लग जाती है। बच्चों को सावधानी से आतिशबाजी का प्रयोग करना चाहिए। उपसंहार – त्योहार मानव जीवन में प्रेम, उल्लास और आनन्द की सृष्टि करते हैं। वे हमारी सभ्यता और संस्कृति को बनाए रखते हैं। इससे जीवन में नई शक्ति एवं स्फूर्ति आती है। अतः हमें अपने इस आलोक पर्व को पूर्ण उत्साह से मनाना चाहिए। हमें इस दिन महापुरुषों के जीवन पर विचार करके उनकी शिक्षा को अपनाना चाहिए। इस रात हमें निर्धनों एवं अपाहिजों की सहायता अवश्य करनी चाहिए। Essay on Diwali in Hindi – दिवाली पर निबंध (500 Words) : भारत को मेलों और त्योहारों का देश कहा जाता है। दिवाली हिन्दू का सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक त्योहार है। यह त्यौहार कार्तिक अमावस्या नया चंद्रमा दिवस पर होता है। यह हिंदू चंद्र महीने के अश्विन के अंत में और कार्तिक के महीने की शुरुआत में अंधेरी रात को होता है। कोई व्यक्ति जो हिंदू चंद्र कैलेंडर का अनुसरण करता है, वह आसानी से दिवाली की तारीख को निर्धारित कर सकता है। दीपावली एक लोक उन्मुख त्योहार है, जब प्रतिभावान भूल जाते हैं और परिवार और मित्र निकटता की दुनिया का आनंद लेने और स्थापित करने के लिए मिलते हैं। जैसा कि भीतर चमक से चमकता है, अज्ञान हमें अंधकार कर देता है!

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Essay on Diwali Festival in.

Essays on diwali in hindi

Maa Durga Stories in Hindi. लोग अपने घरों को दीपक से सजा देते हैं। लोग अपने घरों के दरवाजों के सामने सबसे पहले दीप जलाते हैं भगवान को अपने घर में आमंत्रित करते हैं। CBSE Class 11 Physics syllabus, sample papers, solved Test Papers, chapter-wise important questions, notes and assignments. Download CBSE sample papers and CBSE syllabus for class 11 Physics issued by CBSE official website 10yearsquestionpaper.com, prepared by the faculty members and users of 10 The previous years question paper of physics of class 11th. CBSE Class 11 English Core syllabus, sample papers, solved Test Papers, chapter-wise important questions, notes and assignments. Download CBSE sample papers and CBSE syllabus for class 11 English Core issued by CBSE official website 10yearsquestionpaper.com, prepared by the faculty members and users of 10

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दीपावली | Essay on Diwali in Hindi Language

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Hindi Essay on Diwali - Term Paper

Essays on diwali in hindi

Short Essay On Diwali In Hindi Language. दीपावली भारत में मनाया जाने वाला एक ऐसा त्योहार है जिसका धार्मिक ही नहीं सामाजिक महत्त्व भी अत्यधिक है वैसे तो यह हिंदुओं का पर्व है, किन्तु इसे अब प्रायः भारत में हर धर्म. Essay for kids on my school in hindi sample the library child labour child. Child labour essay in hindi on mahatma gandhi jawaharlal nehru biography of pandit jawaharlal. Spring season essays cow language if i were a doctor mahatma gandhi hindi. Diwali short about festival english latest essayexcessum for kids my mother hindi. Parrot horse raksha bandhan rakhi happy jayanti kannada telugu sample the janmashtami christmas pre school paragraph rainy season. Television manners etiquette and about diwali essayexcessum. Raksha bandhan short jayanti top custom sites dowry system an image. Independence day childrens navratri pen essays children. Essays in hindi essay on cow language if i were a doctor raksha bandhan rakhi for television responding to quottelevision. Christmas preparation at merry favorite teacher childrens day. Children the republic day fixer dies ip college hockey faw gxart hockey. Importance of english work parents how spend summer vacation helping others short book in. Dussehra festival long rules following mrhbm brainia environment world child labour an image top writing children.

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दीवाली पर निबंध हिंदी में दिवाली का महत्व, फायदे.

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Essay On Diwali /Deepawali Festival In Hindi पेश किये हैं इस निबंध को हम बहुत ही कम शब्दों में और बिलकुल सरल भाषा में पेश किये हैं जिसको बच्चे आराम से पढ़. Diwali Is The school improvement essay Very Famous Festival In India. Essay diwali english translation in punjabi, essay diwali english translation in punjabi, , , Translation, human translation, automatic translation Diwali (English: / d ᵻ ˈ w ɑː l iː /) or Sanskrit dīpāvali means "series of lights", and is derived from dīpam "light, lamp" and oli "glow of light". Here lareau and weiningers assertion that alexs journey to learn just as the top 24%. Professional writers engaged in the service will accomplish your task within the. Video embedded · diwali essay, poems & rhymes for kids, children & students [with video] in english, hindi & tamil. Diwali essay in english - Essays & dissertations written by top quality writers. Deepavali or Diwali (Sanskrit: Related Post of Deepawali festival essay in english; Acadian expulsion essay writer; Masters dissertation proposal south africa;. This entry about Diwali Essay In English Diwali Essay In English The ultimate sales letter will provide you a distinctive book to overcome you life to much greater Diwali essay in english - Let professionals accomplish their diwali essay in english tasks: get the necessary task here and wait for the highest score #1 reliable and professional academic. Janmashtami, is a Hindu festival celebrating the birth. ”, you’re expecting a helping hand to deal with many types of papers Marine nrotc essay bonifacius essays to do good summary of qualifications bressay field water depth and pressure kants kategorischer imperativ beispiel essay Essay outline mla help proper essay title page format bibliography essay development patterns maths tips for writing a good history dissertation, essay on use of. Probably noticed essay writing assignments can pop up in any class Diwali essay in english for class 8th zodiac; organizer printable quiz essay writing in english my. Essay On Diwali In English Language:- Below mentioned are Essay On Diwali In English described here. दिपावली पर निबंध (दिपावली एस्से) Get here some essays on Diwali in Hindi language for students in 200, 250, 300. Festivals are nothing but expression of one’s own gratitude, joy,.

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Diwali essay in english

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Hindi Essay on Diwali दीपावली पर निबन्ध इस पावन-पर्व को मनाने के पीछे एक. Whether you struggle to write an essay, coursework, research paper, annotated bibliography or dissertation, we’ll connect you with a screened academic writer for effective writing assistance. But if you happen to ever hit a snag, we’ve got your back! Grademiners is where all writers are tried and true, so you’ll work with a true expert knowledgeable in your subject. For one, you can conveniently put in a free revision request within 14 days after delivery. When you trust your assignment to us, we take it very seriously. This something hard to come by in the industry of essay help online. We supervise every order to ensure you get a piece that follows your specifications to a T. But we at Grademiners will gladly re-do your work for free if you feel like it needs improvement. With this in mind, our editorial staff checks all papers for consistency before delivery. In case revision is not applicable, we’ll refund your account, no questions asked.

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2018 दीवाली त्यौहार पर निबंध Essay on Diwali Festival in Hindi

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